रूपया गिरा, शेयर बाजार डूबा

Aug 26, 2025, 13:40

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अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर बढ़ाए गए 25% अतिरिक्त शुल्क, जो कुल मिलाकर 50% तक पहुँचने वाले थे, की घोषणा ने घरेलू वित्तीय बाजारों में तूफ़ान ला दिया।
इस खबर ने सेन्सेक्स और निफ्टी जैसे प्रमुख सूचकांकों पर भारी प्रभाव डाला—बाजारों में व्यापक बिकवाली दिखाई दी, निवेशक भयभीत दिखे और वैश्विक व्यापार तनाव ने व्यापक असमयता पैदा कर दी।
रूपी ने डॉलर के मुकाबले मजबूती खो दी और गिरकर लगभग ₹87.80 प्रति डॉलर तक पहुँच गया, जो कि रिकॉर्ड निचले स्तर से बेहद समीप है। इस अचानक कमजोरी ने सरकार और आरबीआई के सामने विंध्य जोखिम और हस्तक्षेप के सवाल खड़े कर दिए हैं।
इन घटनाओं ने एक पटल पर घरेलू वित्तीय अस्थिरता और दूसरे पटल पर वैश्विक व्यापार स्थितियों—विशेषकर रूस के साथ भारत के तेल संबंधों पर प्रभाव डालने वाली नीतियों—को उजागर किया है।