Aug 27, 2025, 11:07
उत्तर प्रदेश में हाल ही में आई बाढ़ और लगातार हुई भारी बारिश के बाद गन्ने की फसल पर बड़ा संकट मंडरा रहा था। पानी भरने से खेतों में कीट और फफूंद रोग फैलने का खतरा तेजी से बढ़ गया था। गन्ना राज्य की अर्थव्यवस्था और किसानों की आमदनी का अहम स्तंभ है, ऐसे में यदि समय पर बचाव नहीं किया जाता, तो हजारों किसानों की मेहनत पर पानी फिर सकता था।
इस समस्या से निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने एक नवाचारपूर्ण कदम उठाया और ड्रोन तकनीक का सहारा लिया। कृषि विभाग की ओर से अब तक लगभग 329 ड्रोन की मदद से 24,218 हेक्टेयर क्षेत्र में कीटनाशक और पोषक घोल का छिड़काव किया गया है। ड्रोन के जरिए छिड़काव न केवल तेज़ी से हो रहा है, बल्कि पारंपरिक तरीकों की तुलना में अधिक प्रभावी भी साबित हो रहा है। खेतों में जहाँ मजदूरों के लिए पहुँचना मुश्किल था, वहाँ भी आसानी से दवा पहुँचाई जा सकी।
इसके अलावा किसानों को कीट नियंत्रण और फसल प्रबंधन के लिए लाइट ट्रैप मशीनें उपलब्ध कराई गईं, जिससे कीटों की निगरानी की जा सके। कृषि वैज्ञानिक भी गांव-गांव जाकर किसानों को सलाह दे रहे हैं कि बाढ़ के बाद किस प्रकार खेतों को पुनर्जीवित किया जाए।