Oct 23, 2025, 15:40
फ़िल्म-lyrics के विख्यात लेखक और समाज-सुधारक Javed Akhtar के एक पुराने वीडियो-क्लिप ने सोशल मीडिया पर नया जीवन पा लिया है। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि “हिंदुओं को मुसलमानों जैसा नहीं बनना चाहिए”।
इसके बाद कई लोगों ने उनकी टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है जिसमें Lucky Ali का नाम भी शामिल है। उन्होंने Akhtar को “never original” कहा है और इस बयान की खुलकर आलोचना की है।
क्या हो रहा है?
वीडियो सोशल-मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने टिप्पणी की कि यह बयान धर्म-सम्बंधित संवेदनशील विषयों को छू रहा है।
बहुत से लोग इस बयान को सांप्रदायिक दृष्टि से आपत्तिजनक मान रहे हैं, जबकि कुछ ने इसे व्यक्तिगत विचार-स्वतंत्रता के दायरे में देखा है।
इसके अलावा, Akhtar की Vergangenheit और उनकी पब्लिक पर्सनैलिटी को देखते हुए यह विवाद और बढ़ गया है कि क्या कोई सार्वजनिक हस्ती इस तरह की टिप्पणी कर सकती है-जिससे सामाजिक बहस छिड़े।
प्रभाव क्या हो सकते हैं?
यह घटना दिखाती है कि पुराने बयान भी आज-कल सोशल-मीडिया और इंटरनेट के युग में जब भी सामने आ जाएँ, तुरंत चर्चा में आ सकते हैं।
धर्म-जाति के सवाल, सार्वजनिक टिप्पणी और सेलिब्रिटी की जिम्मेदारी जैसे मुद्दे फिर से सक्रिय हो गए हैं।
निम्न-स्तर से लेकर उच्च-स्तर तक का सार्वजनिक संवाद खुल रहा है: सुनने वालों द्वारा “क्या इस तरह की भाषा स्वीकार्य है?”, “क्या यह सांप्रदायिक विभाजन बढ़ा सकती है?” जैसे प्रश्न उठाए जा रहे हैं।
सेलिब्रिटी और सार्वजनिक हस्तियों के लिए यह एक चेतावनी-संकेत है कि उनके पुराने बयान भी बड़ा असर कर सकते हैं।