Oct 31, 2025, 11:09
📍स्थान: औरंगाबाद, बिहार
🗓️ घटना: हाल ही में बिहार पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया जो खुद को IPS अधिकारी बताकर लंबे समय से लोगों को ठग रहा था।
यह वही व्यक्ति है जिसने कुछ साल पहले खुद को एयर मार्शल बताकर भी कई जगह धोखाधड़ी की थी। अब उसने एक नया रूप अपनाया — नकली वर्दी, फर्जी पहचान पत्र और जाली सरकारी दस्तावेज़ तैयार किए और लोगों को प्रभावित कर उनसे पैसे ऐंठने लगा।
🔍 जांच में खुलासा: आरोपी ने खुद को कई सरकारी कार्यक्रमों में “स्पेशल इन्वाइटेड ऑफिसर” बताकर एंट्री ली। वह सोशल मीडिया पर भी अपनी फर्जी पहचान से एक्टिव था। पुलिस ने जब छानबीन की तो उसके पास से नकली सील, बैज और पहचान पत्र मिले।
💬 जनता की प्रतिक्रिया:
लोगों में गुस्सा और आश्चर्य दोनों है — सवाल उठ रहे हैं कि इतने लंबे समय तक एक फर्जी अधिकारी कैसे सरकारी तंत्र को धोखा देता रहा? यह मामला हमारी पहचान प्रणाली और सत्यापन प्रक्रिया की कमियों की ओर इशारा करता है।
⚠️ सीख:
हमें किसी भी व्यक्ति पर केवल वर्दी या आईडी देखकर भरोसा नहीं करना चाहिए। सरकारी पहचान पत्र की सत्यता की जांच हमेशा जरूरी है।
✅ निष्कर्ष:
यह मामला प्रशासन के लिए एक सबक है और जनता के लिए चेतावनी — सतर्क रहें, सजग रहें, क्योंकि ठग अब वर्दी का भी सहारा लेने लगे हैं।