Nov 20, 2025, 11:21
बिहार की राजनीति में आज का दिन इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज होने वाला है, क्योंकि जदयू प्रमुख नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। यह किसी भी राज्य के लिए बेहद दुर्लभ और प्रभावशाली पल है, जो उनके अनुभव, राजनीतिक पकड़ और लंबे सफर को दर्शाता है।
शपथ ग्रहण समारोह पटना के प्रसिद्ध गांधी मैदान में आयोजित हो रहा है, जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। पूरे राज्य में इस कार्यक्रम को लेकर उत्साह और राजनीतिक हलचल साफ दिखाई दे रही है।
नीतीश कुमार के इस नए कार्यकाल के सामने सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं:
राज्य में बढ़ती बेरोजगारी
बड़ी संख्या में युवाओं का अन्य राज्यों में पलायन
विकास परियोजनाओं की तेजी और पारदर्शिता
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि नीतीश का यह नया कार्यकाल “अनुभव + निर्णायक फैसले” के मिलेजुले दौर का संकेत देता है। कई विश्लेषक यह भी मानते हैं कि बार-बार सत्ता में वापसी उनकी प्रशासनिक पकड़ और जनता के बीच भरोसे को दर्शाती है।