Nov 26, 2025, 11:06
देशभर में मौसम बदलने के साथ वायरल बुखार के मामलों में तेज़ी देखने को मिल रही है। खासकर उत्तरी भारत के कई राज्यों में बच्चे और बुज़ुर्ग सबसे ज़्यादा प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न मेडिकल संस्थानों जैसे AIIMS ने बताया है कि पिछले 10 दिनों में OPD में वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हुई है।
डॉक्टर्स का कहना है कि यह बुखार सामान्य वायरल संक्रमण है, जो मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण तेजी से फैल रहा है। कई मरीजों में तेज़ बुखार, बदन दर्द, गले में खराश, खांसी और कमजोरी जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं। वहीं कुछ मामलों में डेंगू और स्वाइन फ्लू की भी पुष्टि हुई है, हालांकि संख्या अभी कम है।
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और लखनऊ जैसे बड़े शहरों के सरकारी व निजी अस्पतालों में भीड़ बढ़ने लगी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों की लापरवाही—जैसे मास्क का कम उपयोग, हाथ न धोना, और संक्रमित व्यक्ति के साथ नज़दीकी संपर्क—भी संक्रमण फैलाने में भूमिका निभा रहे हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थान—जैसे Ministry of Health and Family Welfare—ने राज्यों को एडवाइजरी जारी करते हुए सतर्क रहने और पर्याप्त दवाइयों व टेस्टिंग सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को भी सलाह दी गई है कि बुखार से पीड़ित बच्चों को घर पर ही आराम करने दें।
डॉक्टर्स का सुझाव है कि लोग पानी अधिक पिएं, आराम करें, बाहर जाते समय मास्क पहनें और भीड़भाड़ वाली जगहों से बचें। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 1–2 हफ्तों में मामलों में और वृद्धि संभव है, इसलिए सतर्कता बेहद ज़रूरी है।