2⃣ संसद में ‘वंदे मातरम्’ पर विशेष चर्चा — 150वीं वर्षगांठ पर ऐतिहासिक दिन

Dec 09, 2025, 11:27

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आज का दिन भारतीय संसद के लिए ऐतिहासिक रहा, क्योंकि ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर दोनों सदनों — लोकसभा और राज्यसभा — में विशेष चर्चा आयोजित की गई। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम्, जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की आत्मा माना जाता है, पहली बार 1875 में लिखा गया था और आज भी भारतीय भावनाओं में गहराई से बसा है।

लोकसभा में पहले यह बहस पूरी हो चुकी थी और अब राज्यसभा में यह चर्चा जारी है। विशेष बात यह रही कि राज्यसभा में इस बहस की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने की। अमित शाह ने कहा कि “वंदे मातरम् सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि भारत माता की पूजा का प्रतीक है, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान युवाओं में देशभक्ति की ज्वाला जगाई।”

बहस के दौरान कई सांसदों ने वंदे मातरम् की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता पर बात की। कुछ विपक्षी नेताओं ने इसे शिक्षा और राष्ट्रीय समारोहों में अधिक सम्मान देने की बात कही, जबकि कुछ ने इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाने की अपील की।
राज्यसभा में कई सांसदों ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को याद किया और कहा कि उनका योगदान सदियों तक भारत की आत्मा में जीवित रहेगा।

बहस के दौरान वंदे मातरम् का इतिहास, उसका राष्ट्रवाद से गहरा संबंध और स्वतंत्रता आंदोलन में उसकी भूमिका को विस्तार से रखा गया।
सरकार इस बहस को एक प्रतीकात्मक कदम मान रही है, जिससे युवा पीढ़ी को भारत के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का संदेश जाता है।