Dec 22, 2025, 12:09
भारत और चीन के बीच रिश्ते एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं। सीमा विवाद और व्यापारिक असंतुलन को लेकर दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में कूटनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह खबर तेजी से वायरल हो रही है कि भारत ने चीन के साथ बातचीत में सीमा पर शांति बनाए रखने और यथास्थिति बहाल करने पर ज़ोर दिया है।
पूर्वी लद्दाख और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से जुड़े मुद्दे लंबे समय से दोनों देशों के बीच तनाव का कारण बने हुए हैं। हाल ही में हुई उच्चस्तरीय सैन्य और राजनयिक बैठकों में भारत ने साफ किया कि सीमा पर स्थायी शांति के बिना रिश्तों में सामान्यता संभव नहीं है। वहीं चीन की ओर से भी बातचीत जारी रखने की बात कही गई है, लेकिन ज़मीनी हालात को लेकर अभी भी पूरी सहमति नहीं बन पाई है।
व्यापार के मोर्चे पर भी भारत–चीन संबंध चर्चा में हैं। भारत लगातार घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दे रहा है और चीनी आयात पर निर्भरता कम करने की रणनीति अपना रहा है। इसका असर वैश्विक सप्लाई चेन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी देखा जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है। इसी कारण भारत–चीन संबंधों पर दुनिया की नजर बनी हुई है। यह खबर इसलिए भी वायरल है क्योंकि इसका असर एशिया की स्थिरता और वैश्विक राजनीति पर पड़ सकता है।