भारत की वैश्विक कूटनीति को मिली मजबूती, पश्चिमी देशों से रणनीतिक साझेदारी पर ज़ोर

Dec 22, 2025, 12:11

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भारत की अंतरराष्ट्रीय भूमिका एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। अमेरिका, यूरोप और अन्य पश्चिमी देशों के साथ भारत की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को लेकर वैश्विक मीडिया में व्यापक कवरेज हो रही है। रक्षा, व्यापार, टेक्नोलॉजी और जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भारत की सक्रिय भागीदारी को एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

हाल के वर्षों में भारत ने अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ रक्षा समझौते, संयुक्त सैन्य अभ्यास और तकनीकी सहयोग को तेज़ किया है। इसका मकसद न सिर्फ सुरक्षा को मजबूत करना है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना भी है। क्वाड जैसे मंचों पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।

व्यापार के क्षेत्र में भी भारत विदेशी निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है। “मेक इन इंडिया” और “डिजिटल इंडिया” जैसी पहलों ने भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया है। अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ अब चीन के विकल्प के रूप में भारत की ओर देख रही हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत संतुलित विदेश नीति के तहत सभी बड़े देशों से संबंध बनाए रखते हुए अपनी स्वतंत्र पहचान कायम रख रहा है। यही वजह है कि आज भारत की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को दुनिया गंभीरता से ले रही है। यह खबर इसलिए वायरल है क्योंकि यह भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है।