भारत–न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हुआ अंतिम रूप, वैश्विक व्यापार में भारत की बड़ी छलांग

Dec 23, 2025, 14:44

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आज अंतरराष्ट्रीय आर्थिक जगत में एक बड़ी और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। भारत और न्यूज़ीलैंड ने अपने बीच मुक्त व्यापार समझौते (Free Trade Agreement – FTA) को अंतिम रूप दे दिया है। खास बात यह है कि इस वर्ल्ड-क्लास डील को महज़ छह महीनों के भीतर पूरा कर लिया गया, जो अपने आप में एक बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक उपलब्धि मानी जा रही है। इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना और आपसी आर्थिक सहयोग को नई ऊँचाइयों तक ले जाना है।

इस FTA के तहत भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच कई व्यापारिक शुल्क और प्रतिबंधों में बड़ी कटौती की जाएगी। इससे भारतीय उत्पादों को न्यूज़ीलैंड के बाजार में बेहतर और आसान पहुँच मिलेगी। खास तौर पर दूध, डेयरी, कृषि उत्पाद, टेक्सटाइल, फार्मा और आईटी सेवाओं के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय किसानों, छोटे कारोबारियों और निर्यातकों को सीधा लाभ होगा।

न्यूज़ीलैंड सरकार ने इस समझौते को “मैच-फिट FTA” करार दिया है, यानी दोनों देशों की ज़रूरतों और क्षमताओं को ध्यान में रखकर संतुलित समझौता। हालांकि कुछ आलोचकों का कहना है कि यह पूरी तरह मुक्त व्यापार नहीं है, लेकिन इसके बावजूद इसे एक व्यावहारिक और भविष्य-केंद्रित डील माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय आर्थिक विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता भारत को ANZTEC क्षेत्र (Australia–New Zealand Trade and Economic Cooperation) के व्यापार नेटवर्क में और मजबूत भूमिका निभाने का अवसर देगा। इससे भारत का वैश्विक व्यापार नेटवर्क और सशक्त होगा और आने वाले समय में रोजगार, निवेश और निर्यात में वृद्धि देखने को मिल सकती है।

कुल मिलाकर, भारत–न्यूज़ीलैंड FTA को भारत की विदेश व्यापार नीति में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है, जो देश की अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर और प्रतिस्पर्धी बनाएगा।