बांग्लादेश–भारत संबंधों में बढ़ा तनाव, भारतीय उच्चायुक्त तलब, राजनयिक विवाद गहराया

Dec 23, 2025, 14:46

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आज अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत और बांग्लादेश के रिश्तों को लेकर एक गंभीर और बेहद वायरल खबर सामने आई है। बांग्लादेश सरकार ने भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को औपचारिक रूप से तलब करते हुए एक कड़ा राजनयिक नोट सौंपा है। ढाका का आरोप है कि भारत में बांग्लादेश के राजदूतावास और वीज़ा केंद्रों के बाहर हाल ही में हुए प्रदर्शनों और सार्वजनिक विरोधों से बांग्लादेशी राजनयिकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा है कि राजनयिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेज़बान देश की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी होती है। मंत्रालय के अनुसार, इस तरह की घटनाएँ वियना कन्वेंशन और दोनों देशों के बीच आपसी सम्मान व सुरक्षा से जुड़े समझौतों का उल्लंघन मानी जा सकती हैं। ढाका ने भारत सरकार से इस मामले की गहन जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

इस पूरे घटनाक्रम का असर ज़मीनी स्तर पर भी देखने को मिला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोलकाता में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद वहाँ स्थित बांग्लादेश के वीज़ा केंद्र को सुरक्षा कारणों से अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। इससे आम नागरिकों, खासकर इलाज, शिक्षा और व्यापार के लिए यात्रा करने वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार, कनेक्टिविटी और सीमा सहयोग जैसे मुद्दों पर रिश्ते अहम दौर से गुजर रहे हैं। इस घटना के बाद दोनों देशों के संबंधों में स्पष्ट तनाव महसूस किया जा रहा है।

हालांकि उम्मीद की जा रही है कि कूटनीतिक बातचीत और आपसी संवाद के जरिए इस मसले को सुलझाया जाएगा, ताकि भारत–बांग्लादेश के लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक और पड़ोसी संबंधों पर इसका गहरा असर न पड़े।