Jan 09, 2026, 11:46
। विदेश में नौकरी करने का सपना देखने वालों के लिए यह खबर खास है। इटली में काम कर रही एक भारतीय महिला ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वहां की वर्क कल्चर भारत से बिल्कुल अलग है। महिला ने 12 अहम पॉइंट्स में बताया कि इटली में नौकरी करना न सिर्फ प्रोफेशनल बल्कि मानसिक रूप से भी सुकून देने वाला अनुभव है।
उनकी पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और लोग भारत व विदेश के कामकाजी माहौल की तुलना कर रहे हैं।
🔹 1. शाम 6 बजे के बाद ऑफिस लगभग खाली
महिला के मुताबिक, इटली में 6 बजते ही ऑफिस वीरान हो जाता है। ओवरटाइम को सामान्य नहीं माना जाता और लोग समय पर घर जाना प्राथमिकता देते हैं।
🔹 2. वर्क-लाइफ बैलेंस सबसे ऊपर
यहां काम के बाद परिवार, दोस्त और निजी जीवन को पूरा समय दिया जाता है। ऑफिस के बाद कॉल या मैसेज करना असामान्य माना जाता है।
🔹 3. छुट्टियों का पूरा सम्मान
इटली में छुट्टी के दिन काम करवाना या कर्मचारी को परेशान करना गलत समझा जाता है। छुट्टी मतलब पूरी छुट्टी।
🔹 4. बॉस नहीं, टीम कल्चर
महिला ने बताया कि यहां बॉस और कर्मचारी के बीच ज्यादा औपचारिक दूरी नहीं होती। सभी एक टीम की तरह काम करते हैं।
🔹 5. टाइम पर सैलरी
हर महीने तय तारीख पर सैलरी मिलती है। देरी या बहाने लगभग नहीं होते।
🔹 6. काम का दबाव कम
काम का बोझ जरूरत के हिसाब से होता है। ‘हर समय बिजी दिखना’ यहां जरूरी नहीं।
🔹 7. हेल्थ को दी जाती है प्राथमिकता
बीमार होने पर छुट्टी लेना बिल्कुल सामान्य है। बीमारी में काम करना मजबूरी नहीं।
🔹 8. मीटिंग्स कम, काम ज्यादा
अनावश्यक मीटिंग्स से बचा जाता है, ताकि समय बर्बाद न हो।
🔹 9. समय की कद्र
काम के घंटे तय हैं और उसी में काम पूरा करने पर जोर दिया जाता है।
🔹 10. छुट्टियों के दौरान संपर्क नहीं
अगर कोई कर्मचारी छुट्टी पर है तो उससे संपर्क नहीं किया जाता।
काम के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीरता से लिया जाता है।
‘काम के लिए जिंदगी नहीं, जिंदगी के लिए काम’
महिला ने कहा कि इटली में यही सोच सबसे बड़ी खासियत है।