Jan 09, 2026, 12:50
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि वे पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बड़े प्रशंसक हैं, लेकिन उनकी गलतियों को भी स्वीकार करना जरूरी है।
थरूर का कहना है:
नेहरू की सोच, दृष्टिकोण और योगदान, खासकर लोकतंत्र की मजबूती में उनका रोल सराहनीय है।
इसका मतलब यह नहीं कि उनकी हर नीति या निर्णय का बिना सवाल समर्थन किया जाएगा।
नेहरू की कुछ गलतियां, जैसे 1962 के भारत‑चीन युद्ध से जुड़े फैसले, आलोचना के योग्य हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ दोषी ठहराना सही नहीं।
वर्तमान राजनीतिक माहौल में नेहरू को अक्सर “भड़का देने वाला निशाना” बनाया जा रहा है, जो निष्पक्ष इतिहास के अनुरूप नहीं है।
विश्लेषण:
इतिहास को संतुलित नजरिए से देखना जरूरी है: उपलब्धियों के साथ कमियों को भी समझें।
नेहरू पर सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए दोषारोपण करना गलत है।
लोकतंत्र की नींव मजबूत करने वाले नेहरू की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता।
सार:
थरूर का बयान दर्शाता है कि इतिहास को निष्पक्ष दृष्टिकोण से समझना चाहिए, न कि केवल राजनीतिक बहस के लिए लोगों को दोषी ठहराना।