कागजों पर तालाब, मुर्दों के नाम पर पेमेंट, बिचौलियों की अंधेरगर्दी… मनरेगा पर 5 राज्यों से ‘आजतक’ की पड़ताल

Jan 16, 2026, 10:43

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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आजतक की विशेष जांच में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और छत्तीसगढ़ से चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि कई जगह काम सिर्फ कागजों में हुआ, जबकि जमीन पर न तो तालाब मिले, न नाले और न ही मजदूर।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मृत लोगों के नाम पर मजदूरी का भुगतान किया गया। जिन लोगों की सालों पहले मौत हो चुकी है, उनके खातों में मनरेगा की राशि ट्रांसफर होती रही। वहीं, कई जगह बिचौलियों का मजबूत नेटवर्क सक्रिय है, जो मजदूरों और लाभार्थियों से कमीशन वसूल रहा है।

राज्यवार खुलासे:

उत्तर प्रदेश: रिकॉर्ड में तालाब और सड़क निर्माण दिखाया गया, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं मिला। मजदूरों के नाम मस्टर रोल में दर्ज, पर कार्यस्थल खाली।

बिहार: करोड़ों रुपये के काम सिर्फ फाइलों में पूरे दिखाए गए। नहर और तालाब का कोई अस्तित्व नहीं।

मध्य प्रदेश: मृत व्यक्तियों के नाम पर भुगतान कर सरकारी धन की निकासी।

झारखंड: बकरी शेड और अन्य योजनाओं में बिचौलियों द्वारा अवैध वसूली, अधूरे काम के बावजूद पूरा भुगतान।

छत्तीसगढ़: जॉब कार्ड होने के बावजूद मजदूरों को महीनों से काम नहीं मिला, जबकि रिकॉर्ड में रोजगार दिखाया गया।

ऑडिट रिपोर्ट में भी गड़बड़ी:
सरकारी ऑडिट में भी लाखों मामलों में अनियमितताओं और सैकड़ों करोड़ रुपये की वित्तीय गड़बड़ी की पुष्टि हुई है। फर्जी जॉब कार्ड, बढ़ा-चढ़ाकर मस्टर रोल और बिना काम भुगतान जैसी शिकायतें आम पाई गईं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया:
खुलासों के बाद संबंधित जिलों में जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और फर्जी भुगतान की वसूली भी होगी।