Jan 22, 2026, 11:37
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने तीखे और विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार ट्रंप ने इजरायल के एक टीवी शो में शिरकत के दौरान ईरान, हमास और सीधे तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई पर जमकर हमला बोला। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा, “कोई मुझे चूजा नहीं बुला सकता। मैंने हमेशा अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए सख्त फैसले लिए हैं।”
इजरायली शो के दौरान ट्रंप ने खुद को मजबूत नेता बताते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में मध्य-पूर्व में अमेरिका की स्थिति बेहद मजबूत थी। उन्होंने दावा किया कि अगर वह सत्ता में होते तो ईरान कभी भी इस हद तक आगे नहीं बढ़ पाता। ट्रंप ने यह भी कहा कि कुछ लोग उन्हें कमजोर दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि उन्होंने कई बार निर्णायक और कठोर कदम उठाए।
ट्रंप के इस बयान पर ईरान की तरफ से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़े एक बयान ने सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी। खामेनेई के हवाले से कहा गया, “मैं वापस बंकर में जा रहा हूं।” इस बयान को कई विश्लेषक मौजूदा तनावपूर्ण हालात और पश्चिमी देशों के दबाव से जोड़कर देख रहे हैं।
मध्य-पूर्व में पहले से ही इजरायल-हमास युद्ध और ईरान की भूमिका को लेकर हालात संवेदनशील बने हुए हैं। ऐसे में ट्रंप के बयान आग में घी डालने जैसा माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि ट्रंप अमेरिका के आगामी राष्ट्रपति चुनावों को देखते हुए अपने समर्थकों को यह संदेश देना चाहते हैं कि वह अब भी ‘सख्त नेता’ की छवि रखते हैं।
वहीं, सोशल मीडिया पर ट्रंप और खामेनेई दोनों के बयानों को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग ट्रंप के बयान को मजबूत नेतृत्व का प्रतीक बता रहे हैं, तो कुछ इसे गैर-जिम्मेदाराना और उकसाने वाला करार दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, ट्रंप का यह बयान न सिर्फ अमेरिका की घरेलू राजनीति बल्कि वैश्विक कूटनीति पर भी असर डाल सकता है। आने वाले दिनों में इस बयान पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और तेज होने की संभावना है।