Mar 27, 2026, 11:06
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात को देखते हुए भारत सरकार अलर्ट मोड में आ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में ‘टीम इंडिया’ ने तैयारी शुरू कर दी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में देश और भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रखा जा सके। सरकार इस संकट से निपटने के लिए कोविड जैसी रणनीति पर काम कर रही है।
क्या है सरकार का प्लान?
सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों और एजेंसियों के साथ मिलकर एक विशेष एक्सरसाइज शुरू की है। इसका उद्देश्य है कि अगर पश्चिम एशिया में हालात और बिगड़ते हैं, तो भारत तुरंत एक्शन ले सके।
विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय अलर्ट पर
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर खास ध्यान
एयरलिफ्ट और इमरजेंसी प्लान तैयार
जरूरी सप्लाई और तेल संकट से निपटने की तैयारी
कोविड मॉडल पर तैयारी
सरकार कोविड-19 के दौरान बनाई गई कोऑर्डिनेशन स्ट्रैटेजी को फिर से लागू करने की तैयारी कर रही है।
जैसे कोविड के समय राज्यों, मंत्रालयों और एजेंसियों के बीच तालमेल बनाया गया था, उसी तरह अब पश्चिम एशिया संकट से निपटने के लिए केंद्रीय स्तर पर कंट्रोल और मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
भारतीयों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा सबसे अहम है।
जरूरत पड़ने पर स्पेशल फ्लाइट और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सकता है। साथ ही, दूतावासों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भारतीय नागरिकों के संपर्क में रहें और उन्हें हर अपडेट देते रहें।
देश पर क्या होगा असर?
तेल सप्लाई पर असर पड़ सकता है
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में उतार-चढ़ाव संभव
फ्लाइट और ट्रेड प्रभावित हो सकते हैं
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए बड़े कदम