होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर ईरान की नजर?

Apr 04, 2026, 13:49

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नई दिल्ली/तेहरान: मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। ईरान की कथित रणनीतिक गतिविधियों ने वैश्विक व्यापार मार्गों को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बना हुआ था, और अब खबरें आ रही हैं कि ईरान की नजर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर भी है।

क्यों अहम है बाब अल-मंदेब?

बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और यह यूरोप, एशिया और अफ्रीका के बीच व्यापार के लिए एक प्रमुख मार्ग है। इस रास्ते से हर दिन लाखों बैरल तेल और भारी मात्रा में मालवाहक जहाज गुजरते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यहां किसी भी तरह की सैन्य या राजनीतिक अस्थिरता पैदा होती है, तो वैश्विक सप्लाई चेन पर सीधा असर पड़ेगा।

क्या है ईरान की रणनीति?

विश्लेषकों का मानना है कि ईरान इस क्षेत्र में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहता है, ताकि वह पश्चिमी देशों और खासकर संयुक्त राज्य अमेरिका पर दबाव बना सके।

पहले ही होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के कारण तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है। अगर बाब अल-मंदेब भी अस्थिर होता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

वैश्विक असर क्या होगा?
कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल
अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बाधा
यूरोप और एशिया के बीच सप्लाई चेन पर असर
समुद्री सुरक्षा पर खतरा