May 07, 2026, 17:29
दूध खरीदते समय आपने अक्सर देखा होगा कि अलग-अलग ब्रांड्स के पैकेट नीले, हरे, नारंगी या पीले रंग के होते हैं। कई लोग इन्हें सिर्फ डिजाइन समझते हैं, लेकिन असल में इन रंगों का सीधा संबंध दूध में मौजूद फैट और पोषण से होता है। अगर आप भी बिना मतलब जाने कोई भी पैकेट उठा लेते हैं, तो अब सावधान हो जाइए।
नीले रंग का पैकेट
नीले रंग के पैकेट में आमतौर पर टोंड मिल्क होता है। इसमें फैट की मात्रा मध्यम होती है और यह रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए सबसे ज्यादा खरीदा जाता है। यह स्वाद और हेल्थ के बीच अच्छा बैलेंस माना जाता है।
हरे रंग का पैकेट
हरे रंग वाला दूध अक्सर डबल टोंड मिल्क को दर्शाता है। इसमें फैट काफी कम होता है, इसलिए वजन नियंत्रित रखने वाले लोग या हेल्थ कॉन्शियस लोग इसे ज्यादा पसंद करते हैं। इसमें कैलोरी कम होती है लेकिन जरूरी पोषण बना रहता है।
नारंगी या गोल्डन पैकेट
नारंगी या गोल्डन रंग के पैकेट में आमतौर पर फुल क्रीम मिल्क होता है। इसमें फैट की मात्रा सबसे ज्यादा होती है, जिससे दूध ज्यादा गाढ़ा और मलाईदार लगता है। बच्चों, मिठाइयों और डेयरी प्रोडक्ट्स के लिए इसे बेहतर माना जाता है।
हर कंपनी में रंग अलग हो सकते हैं