May 07, 2026, 17:35
Suvendu Adhikari के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ हत्याकांड की जांच में बड़ा मोड़ सामने आया है। पुलिस जांच में पता चला है कि वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक का रजिस्ट्रेशन जिस पते पर दर्ज है, उसका हकीकत से कोई संबंध नहीं निकला। इस खुलासे के बाद मामले में साजिश और फर्जी पहचान के एंगल पर जांच तेज कर दी गई है।
जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसियों ने बाइक के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर जब पश्चिम बंगाल के बर्नपुर इलाके में दिए गए पते की जांच की, तो वहां रहने वाले व्यक्ति ने चौंकाने वाला दावा किया। उसने कहा कि वह न तो बाइक के बारे में जानता है और न ही उसका आरोपियों से कोई संबंध है। व्यक्ति ने साफ कहा, “मैं तो इन्हें जानता तक नहीं।”
पुलिस को अब शक है कि बाइक खरीदने या रजिस्ट्रेशन कराने के दौरान फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। अधिकारियों का मानना है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए नकली पते और दस्तावेजों का सहारा लिया।
इस बीच, जांच टीम आसपास के CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और बाइक के मूवमेंट की भी पड़ताल कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई टीमों को अलग-अलग एंगल से जांच में लगाया गया है।
चंद्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई है। विपक्ष ने कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि मामले में हर पहलू की गहन जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया गया है।