बांग्लादेश बॉर्डर के चेकपोस्टों पर अवैध प्रवासियों की बाढ़! बंगाल में घुसपैठियों में दिखने लगा खौफ

May 26, 2026, 15:23

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पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ शुरू हुई सख्त कार्रवाई के बाद भारत-बांग्लादेश सीमा पर हलचल तेज हो गई है। उत्तर 24 परगना, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे सीमावर्ती इलाकों के चेकपोस्टों पर बड़ी संख्या में संदिग्ध प्रवासी लौटने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राज्य सरकार के “Detect, Delete and Deport” अभियान के चलते कई इलाकों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।

सूत्रों के अनुसार, बंगाल सरकार ने अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान और निर्वासन प्रक्रिया को तेज करने के लिए कई जिलों में “होल्डिंग सेंटर” स्थापित किए हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद में बने पहले सेंटरों में संदिग्ध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि पहचान सत्यापन और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें वापस भेजा जाएगा।

सीमा पर बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए बीएसएफ ने निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। सिलिगुड़ी क्षेत्र में भारत-बांग्लादेश सीमा पर नई फेंसिंग का काम भी तेज कर दिया गया है ताकि अवैध घुसपैठ पर रोक लगाई जा सके।

वहीं दूसरी ओर, बांग्लादेश ने भी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) ने सीमावर्ती इलाकों में अतिरिक्त पेट्रोलिंग शुरू कर दी है और लोगों को अवैध तरीके से सीमा पार न करने की चेतावनी दी जा रही है।

राजनीतिक गलियारों में भी यह मुद्दा गरमा गया है। विपक्ष और मानवाधिकार संगठनों ने कार्रवाई के तरीके पर सवाल उठाए हैं, जबकि सरकार का कहना है कि यह अभियान राष्ट्रीय सुरक्षा और अवैध घुसपैठ रोकने के लिए जरूरी है।