# AI की मदद से बना फर्जी इंटरव्यू वीडियो वायरल, लोगों को किया गया गुमराह

Jul 06, 2026, 15:55

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक कथित इंटरव्यू वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक प्रसिद्ध उद्योगपति देश की अर्थव्यवस्था, निवेश और शेयर बाजार को लेकर बड़े-बड़े दावे करते हुए दिखाई देते हैं। वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है और हजारों लोगों ने इसे अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर शेयर भी किया। कई यूजर्स ने इसे असली इंटरव्यू मानते हुए अपनी प्रतिक्रियाएं दीं और वीडियो में कही गई बातों को सच समझकर आगे प्रसारित कर दिया। हालांकि, बाद में हुई जांच में सामने आया कि यह वीडियो वास्तविक नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया एक डीपफेक वीडियो था।

फैक्ट-चेक करने वाली एजेंसियों और साइबर विशेषज्ञों ने वीडियो का विश्लेषण करने पर पाया कि इसमें उद्योगपति के चेहरे के हाव-भाव और आवाज को AI तकनीक के जरिए कृत्रिम रूप से तैयार किया गया था। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि संबंधित उद्योगपति ने ऐसा कोई इंटरव्यू कभी दिया ही नहीं था। वीडियो में दिखाई गई बातचीत पूरी तरह डिजिटल एडिटिंग और सिंथेटिक वॉयस तकनीक का इस्तेमाल करके बनाई गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक AI टूल्स की वजह से अब ऐसे फर्जी वीडियो बनाना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार डीपफेक तकनीक लगातार उन्नत होती जा रही है, जिससे आम लोगों के लिए असली और नकली वीडियो में अंतर करना बेहद कठिन हो गया है। यही वजह है कि ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो जाते हैं और लोग बिना किसी सत्यापन के उन्हें आगे भेज देते हैं। कई बार ऐसे वीडियो लोगों को भ्रमित करने, किसी व्यक्ति की छवि खराब करने या आर्थिक और सामाजिक भ्रम फैलाने के उद्देश्य से भी तैयार किए जाते हैं।

विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो, ऑडियो या सनसनीखेज दावे पर तुरंत विश्वास न करें। सबसे पहले उसके स्रोत की जांच करें, विश्वसनीय समाचार संस्थानों या आधिकारिक बयानों से उसकी पुष्टि करें और फैक्ट-चेक वेबसाइटों की रिपोर्ट जरूर देखें। डिजिटल युग में मीडिया साक्षरता और सतर्कता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। किसी भी भ्रामक सामग्री को बिना जांचे-परखे शेयर करना गलत सूचना के प्रसार को बढ़ावा देता है। इसलिए हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करे और केवल सत्यापित जानकारी ही साझा करे।