Jul 06, 2026, 16:05
देशभर में ऑनलाइन नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स पर आकर्षक वेतन, घर बैठे काम और तुरंत जॉइनिंग जैसे वादों के साथ युवाओं को लुभाया जा रहा है। कई लोगों ने शिकायत की है कि उनसे रजिस्ट्रेशन फीस, सिक्योरिटी डिपॉजिट या ट्रेनिंग शुल्क के नाम पर पैसे लिए गए, लेकिन बाद में न तो नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए।
साइबर पुलिस के अनुसार ठग पहले उम्मीदवारों से संपर्क करते हैं, फिर नकली वेबसाइट, फर्जी ऑफर लेटर और बनावटी पहचान पत्र भेजकर विश्वास जीतने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में वीडियो कॉल इंटरव्यू का नाटक भी किया जाता है ताकि नौकरी असली लगे। इसके बाद उम्मीदवारों से बैंक खाते या यूपीआई के माध्यम से भुगतान करने के लिए कहा जाता है। भुगतान होते ही ठग संपर्क बंद कर देते हैं।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी नौकरी के लिए आवेदन करने से पहले संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट और ईमेल की जांच जरूर करें। यदि कोई संस्था इंटरव्यू से पहले पैसे मांगती है तो सावधान हो जाएं। किसी भी संदिग्ध संदेश, कॉल या लिंक पर तुरंत भरोसा न करें। साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय साइबर पुलिस से संपर्क करें। डिजिटल सतर्कता ही ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।