Jul 07, 2026, 17:49
देशभर में डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के नए-नए तरीके भी सामने आ रहे हैं। इन दिनों फर्जी UPI पेमेंट स्क्रीनशॉट दिखाकर दुकानदारों और छोटे व्यापारियों को ठगने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ठग मोबाइल ऐप या फोटो एडिटिंग टूल की मदद से नकली पेमेंट रसीद तैयार कर यह दावा करते हैं कि उन्होंने भुगतान कर दिया है, जबकि वास्तव में उनके खाते से कोई रकम ट्रांसफर नहीं होती।
कई बार व्यस्तता या जल्दबाजी में दुकानदार सिर्फ स्क्रीनशॉट देखकर ग्राहक को सामान दे देते हैं। बाद में जब बैंक खाते या UPI ऐप की जांच की जाती है, तब पता चलता है कि कोई भुगतान प्राप्त ही नहीं हुआ। इस तरह की धोखाधड़ी से सबसे अधिक नुकसान छोटे दुकानदारों और स्थानीय कारोबारियों को उठाना पड़ रहा है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी डिजिटल भुगतान को केवल स्क्रीनशॉट के आधार पर स्वीकार करना बड़ी गलती हो सकती है। भुगतान की पुष्टि हमेशा अपने बैंक खाते, UPI ऐप या आधिकारिक SMS अलर्ट के जरिए करें। यदि नेटवर्क की समस्या के कारण भुगतान दिखाई नहीं दे रहा है, तो कुछ समय इंतजार करें, लेकिन बिना पुष्टि के सामान या सेवा न दें।
पुलिस और साइबर विभाग ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। यदि कोई व्यक्ति डिजिटल पेमेंट के नाम पर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। डिजिटल भुगतान आज की जरूरत है, लेकिन थोड़ी-सी सावधानी आपको बड़े आर्थिक नुकसान से बचा सकती है।