फ्रांस में गर्मी से न्यूक्लियर प्लांट बंद... क्या भारत में आएगी ऐसी नौबत?

Jul 15, 2026, 16:01

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फ्रांस में गर्मी से न्यूक्लियर प्लांट बंद... क्या भारत में आएगी ऐसी नौबत?

फ्रांस में भीषण हीटवेव के चलते कई परमाणु रिएक्टरों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा या उनकी बिजली उत्पादन क्षमता घटानी पड़ी। इसकी वजह रिएक्टरों में कोई तकनीकी खराबी नहीं थी, बल्कि नदियों का पानी इतना गर्म हो गया कि पर्यावरणीय नियमों के तहत उसे कूलिंग के लिए इस्तेमाल करना और फिर वापस नदी में छोड़ना संभव नहीं रहा।

क्या भारत में भी ऐसा हो सकता है?

फिलहाल विशेषज्ञों का मानना है कि फ्रांस जैसी स्थिति भारत में आने की संभावना कम है। इसकी मुख्य वजह यह है कि भारत के कई प्रमुख परमाणु बिजलीघर समुद्र तट पर स्थित हैं और कूलिंग के लिए समुद्री पानी का उपयोग करते हैं। वहीं, नदी किनारे बने संयंत्रों में भी ऐसी कूलिंग प्रणालियां हैं जो गर्म पानी को सीधे नदी में छोड़ने के बजाय उसका तापमान काफी हद तक कम कर देती हैं। इसलिए केवल हीटवेव के कारण फ्रांस जैसी व्यापक बंदी की आशंका फिलहाल नहीं मानी जा रही है।

हालांकि, जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ती गर्मी, सूखा और जल स्रोतों पर बढ़ता दबाव भविष्य में भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए भी चुनौती बन सकते हैं। ऐसे में नए परमाणु संयंत्रों की योजना बनाते समय कूलिंग तकनीक, जल उपलब्धता और जलवायु जोखिमों को पहले से ध्यान में रखना आवश्यक होगा।

यानी, फ्रांस जैसी तत्काल स्थिति भारत में बनने की संभावना कम है, लेकिन लगातार बढ़ती वैश्विक गर्मी को देखते हुए भविष्य के लिए सतर्कता और बेहतर योजना बेहद जरूरी मानी जा रही है।