Aug 07, 2026, 17:26
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी व्यवस्था भ्रष्टाचार और वसूली का माध्यम बन गई थी। एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, "जब भी कोई सरकारी विज्ञापन या विकास कार्य निकलता था, चाचा-भतीजे की जोड़ी लूटने निकल जाती थी।" उनका इशारा सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव की ओर माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई, कानून-व्यवस्था मजबूत की और विकास परियोजनाओं को बिना भेदभाव आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि पहले परिवारवाद और भ्रष्टाचार हावी था, जबकि अब प्रदेश में निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे पर तेजी से काम हो रहा है। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर जनता को गुमराह करने और विकास कार्यों में बाधा डालने का भी आरोप लगाया।
योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा इसे अपनी विकास और सुशासन की राजनीति का हिस्सा बता रही है, जबकि समाजवादी पार्टी इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाज़ी करार दे रही है। आगामी चुनावों के मद्देनज़र ऐसे बयान राजनीतिक माहौल को और गर्माने वाले माने जा रहे हैं।