Aug 08, 2026, 15:46
मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में चढ़ावे और दान को लेकर उठे विवाद के बीच महाराष्ट्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंदिर ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के दान, नकद चढ़ावे और आभूषणों के रिकॉर्ड का विशेष ऑडिट कराने का फैसला लिया गया है।
विवाद तब गहराया जब MNS प्रमुख राज ठाकरे ने मंदिर में चढ़ावे से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल उठाए। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने मंदिर में हर साल आने वाले बड़े चढ़ावे और उसके हिसाब-किताब को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
क्या-क्या जांच के दायरे में?
ऑडिट में पिछले पांच साल के नकद दान, सोने-चांदी के आभूषण और अन्य चढ़ावे का रिकॉर्ड खंगाला जाएगा। इसका उद्देश्य मंदिर ट्रस्ट के रिकॉर्ड और वास्तविक जमा राशि के बीच किसी तरह की विसंगति है या नहीं, इसका पता लगाना है।
₹18 करोड़ को लेकर भी उठे सवाल
इस पूरे विवाद में करीब 18 करोड़ रुपये के कथित गबन/चोरी के आरोपों का भी जिक्र सामने आया है। हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता ऑडिट और आगे की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब पांच साल के रिकॉर्ड की जांच से यह साफ होने की उम्मीद है कि सिद्धिविनायक मंदिर के चढ़ावे का हिसाब-किताब कितना पारदर्शी रहा और राज ठाकरे द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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