Aug 08, 2026, 15:50
गुजरात यूनिवर्सिटी में पूर्व कुलपति नीरजा गुप्ता के कार्यकाल में हुई कथित अनियमित नियुक्तियों पर बड़ा एक्शन लिया गया है। यूनिवर्सिटी ने अलग-अलग विभागों में हंगामी/अस्थायी आधार पर नियुक्त किए गए 10 अधिकारियों को अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिया है।
मामला सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी के प्रभारी VC जगदीश जोशी ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी। कमेटी ने इन अधिकारियों की योग्यता, नियुक्ति प्रक्रिया और नियमों के पालन की जांच की और इसके बाद निलंबन की सिफारिश की।
5 लाख रुपये तक थी सैलरी
रिपोर्टों के मुताबिक, इन अधिकारियों को करीब 1.5 लाख से 5 लाख रुपये प्रति माह तक वेतन दिया जा रहा था। इनमें कुछ अधिकारी SBI और ONGC जैसी संस्थाओं से रिटायर्ड बताए गए हैं। एक अधिकारी को ₹5 लाख मासिक वेतन पर नियुक्त किए जाने और तीन वर्षों में करीब ₹1.75 करोड़ भुगतान किए जाने का भी उल्लेख है।
ABVP के विरोध के बाद बढ़ा मामला
इन नियुक्तियों को लेकर ABVP समेत छात्र संगठनों ने सवाल उठाए थे। आरोप था कि कुछ नियुक्तियां पारदर्शी चयन प्रक्रिया और निर्धारित नियमों का पालन किए बिना की गईं। यूनिवर्सिटी ने शिकायतों के बाद जांच शुरू की और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को सस्पेंड किया।
फिलहाल सस्पेंशन को अंतिम दोष सिद्धि नहीं माना गया है। नियुक्तियों और वेतन से जुड़े आरोपों की जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।