Aug 12, 2026, 15:45
देशभर में खाद्य सुरक्षा को लेकर हाल के दिनों में कार्रवाई तेज हुई है। बेंगलुरु में क्विक-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस में गंदगी मिलने के बाद कार्रवाई हुई, महाराष्ट्र में नकली/एनालॉग पनीर के खिलाफ सख्ती बढ़ी और कई प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए।
वहीं, पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर भी FSSAI के नए नियम सामने आए हैं। कर्नाटक ने तंबाकू-निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल की रोक लगाई है।
लेकिन असली सवाल यही है—क्या छापेमारी, सीलिंग और नए नियमों से जमीन पर व्यवस्था सुधरेगी, या कुछ दिनों बाद फिर वही पुरानी कहानी दोहराई जाएगी?
सिस्टम को प्रभावी बनाने के लिए सिर्फ कागजी नियम नहीं, बल्कि नियमित जांच, तेज लैब रिपोर्ट, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और लगातार निगरानी जरूरी है। तभी आम आदमी की थाली तक सुरक्षित खाना पहुंच सकेगा।