Aug 18, 2026, 12:31
बिहार में छात्र प्रदर्शन के दौरान सीवान में AK-47 से फायरिंग के मामले पर राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कई अहम बातें स्वीकार की हैं। सरकार के मुताबिक, एक पुलिस कांस्टेबल ने भीड़ में फंसने के बाद हवा में AK-47 से चार राउंड फायर किए थे। हालांकि, सरकार का दावा है कि इस फायरिंग में कोई प्रदर्शनकारी घायल नहीं हुआ।
सरकार ने बताया कि संबंधित जवान को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, सीवान में तीन प्रदर्शनकारियों के घायल होने की बात भी सामने आई है, लेकिन सरकार के अनुसार उन्हें AK-47 की गोली नहीं लगी थी। मामले की बैलिस्टिक जांच जारी है।
बिहार सरकार ने यह भी कहा कि AK-47 सामान्य कानून-व्यवस्था की स्थिति में इस्तेमाल किया जाने वाला हथियार नहीं है, बल्कि इसका इस्तेमाल विशेष अभियानों के लिए होता है। पूरे बिहार में 22 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन से जुड़े 69 FIR और करीब 500 गिरफ्तारियों की जानकारी भी सुप्रीम कोर्ट को दी गई है।
मुख्य सवाल: अगर जवान ने हवा में फायरिंग की, तो उसे AK-47 किस परिस्थिति में और किस आदेश के तहत मिली थी? इस पहलू की जांच अभी अहम बनी हुई है।