Aug 19, 2026, 14:58
बांग्लादेश ने भारत के साथ 1996 के गंगा जल बंटवारा समझौते के नवीनीकरण को लेकर बड़ा रुख अपनाया है। ढाका अब नए समझौते में 'गारंटी क्लॉज' शामिल कराने की मांग कर रहा है, ताकि उसे न्यूनतम मात्रा में पानी मिलने की सुनिश्चितता हो। मौजूदा समझौता दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला है।
बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री शाहिदुद्दीन चौधरी एनी ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर उनका देश अपने जल अधिकारों की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मंचों का रुख कर सकता है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि अगले महीने संयुक्त राष्ट्र में बांग्लादेश की ओर से गंगा जल समझौते पर मजबूत पक्ष रखा जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
1996 में भारत और बांग्लादेश के बीच 30 साल के लिए गंगा जल बंटवारे का समझौता हुआ था। इसमें फरक्का के पास उपलब्ध पानी के आधार पर सूखे मौसम में दोनों देशों के बीच जल वितरण का प्रावधान है। अब समझौते की अवधि खत्म होने से पहले दोनों देशों के बीच इसके नवीनीकरण को लेकर बातचीत अहम हो गई है।
भारत का रुख फिलहाल यही रहा है कि गंगा जल समझौते पर बातचीत मौजूदा द्विपक्षीय तंत्र और संयुक्त नदी आयोग के जरिए की जाएगी। ऐसे में बांग्लादेश का अंतरराष्ट्रीय मंचों का विकल्प सामने रखना बातचीत को और संवेदनशील बना सकता है।
अब नजर इस बात पर है कि दिसंबर से पहले भारत-बांग्लादेश के बीच नए जल समझौते पर क्या सहमति बनती है और क्या 'गारंटी क्लॉज' मांग को भारत स्वीकार करता है।