Aug 22, 2026, 11:54
भारत की युवा आबादी को लेकर नीति आयोग की नई रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। ‘Reimagining Skilling for Viksit Bharat@2047’ रिपोर्ट के मुताबिक 15 से 29 वर्ष की उम्र के करीब 8.7 करोड़ युवा शिक्षा, रोजगार या ट्रेनिंग—तीनों से बाहर हैं। यह संबंधित युवा आबादी का करीब 11% है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस NEET समूह के करीब 88% लोग घरेलू कामों में लगे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार यह समस्या सिर्फ बेरोजगारी की नहीं, बल्कि युवाओं को शिक्षा से रोजगार तक जोड़ने वाले सिस्टम की भी है।
महिलाओं के लिए चुनौती ज्यादा बड़ी
रिपोर्ट में महिलाओं को अलग और महत्वपूर्ण क्रॉस-कटिंग समूह के तौर पर देखा गया है। नीति आयोग के विश्लेषण के मुताबिक महिलाओं के सामने घरेलू जिम्मेदारियों के अलावा स्किलिंग, नौकरी तक पहुंच और आवाजाही जैसी कई बाधाएं हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि सिर्फ करीब 3% महिलाएं औपचारिक रोजगार में हैं, जबकि 71% या तो अनौपचारिक काम में हैं या NEET श्रेणी में आती हैं।
सरकार की स्किलिंग रणनीति में बदलाव की तैयारी
नीति आयोग ने इस चुनौती से निपटने के लिए ज्यादा लचीली और रोजगार-केंद्रित स्किलिंग व्यवस्था की जरूरत बताई है। रिपोर्ट में शिक्षा, स्किलिंग और रोजगार के बीच बेहतर तालमेल बनाने तथा युवाओं को दोबारा शिक्षा या काम की मुख्यधारा में लाने के रास्ते सुझाए गए हैं।
यानी 8.7 करोड़ का आंकड़ा सिर्फ बेरोजगारी का आंकड़ा नहीं है—यह उन युवाओं की तस्वीर है जो फिलहाल देश की शिक्षा, रोजगार और ट्रेनिंग व्यवस्था से बाहर हैं।