Aug 24, 2026, 16:38
देश में रसोई का बजट एक बार फिर दबाव में है। अगस्त में प्याज की कीमतों में अचानक तेज उछाल देखने को मिला है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 23 अगस्त को प्याज का अखिल भारतीय औसत खुदरा भाव करीब ₹38.45 प्रति किलो था, जबकि कुछ इलाकों में कीमतें ₹60 प्रति किलो या उससे ऊपर पहुंच गई हैं।
प्याज की महंगाई के पीछे कम उपलब्धता, मौसम का असर और प्रमुख मंडियों से आवक में देरी जैसे कारण बताए जा रहे हैं। 18 अगस्त के थोक मंडी आंकड़ों में प्याज की औसत कीमत एक सप्ताह में करीब 32% और एक साल में 118% से ज्यादा बढ़ी थी।
महंगाई की दूसरी चिंता चीनी को लेकर है। सरकारी आंकड़ों में 23 अगस्त को चीनी का औसत खुदरा भाव करीब ₹54.06 प्रति किलो दर्ज हुआ। हालांकि चीनी उद्योग संगठन का कहना है कि देश में चीनी की कमी नहीं है और आने वाले समय में कीमतों में नरमी आ सकती है।
प्याज के दाम काबू करने के लिए केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक बाजार में उतारने और नासिक से बड़े शहरों तक प्याज पहुंचाने के लिए 'कांदा एक्सप्रेस' शुरू करने का फैसला किया है। सरकार का लक्ष्य आपूर्ति बढ़ाकर कीमतों पर दबाव कम करना है।
यानी चीनी के बाद प्याज की बढ़ती कीमत ने आम आदमी की रसोई का हिसाब बिगाड़ना शुरू कर दिया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकारी कदमों से प्याज के दाम कब तक नीचे आते हैं।