सीमा विवाद पर चीन से अहम बातचीत, बीजिंग पहुंचे NSA अजित डोभाल

Aug 24, 2026, 16:58

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भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर बीजिंग पहुंचे हैं। वह मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को चीन के विदेश मंत्री और भारत-चीन सीमा वार्ता में चीन के विशेष प्रतिनिधि वांग यी के साथ 25वें दौर की Special Representatives (SR) वार्ता करेंगे।

क्या है इस बैठक का एजेंडा?

वार्ता का मुख्य मुद्दा भारत-चीन सीमा प्रश्न और सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता रहेगा। इसके साथ दोनों पक्ष द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचार-विमर्श कर सकते हैं। चीन ने कहा है कि दोनों पक्ष पिछले दौर में बनी सहमतियों की भावना के अनुरूप आगे की बातचीत करेंगे।
24वें दौर में क्या हुआ था?

भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों की पिछली बैठक अगस्त 2025 में हुई थी। इसमें सीमा मुद्दे पर स्पष्ट और गहन बातचीत के साथ कई साझा समझ बनी थीं। हालांकि करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा से जुड़े विवाद का अभी अंतिम समाधान नहीं निकला है।

क्यों अहम है डोभाल का बीजिंग दौरा?

यह वार्ता ऐसे समय हो रही है जब भारत और चीन संबंधों को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के रिश्तों में गंभीर तनाव आया था। अब सीमा पर शांति बनाए रखना व्यापक द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अहम माना जा रहा है।

डोभाल चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात कर सकते हैं। इसके अलावा सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन से पहले यह बातचीत और महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

25वें दौर की इस वार्ता पर अब नजर इस बात पर है कि क्या भारत और चीन सीमा विवाद को सुलझाने की दिशा में कोई ठोस प्रगति कर पाते हैं।