Aug 24, 2026, 17:01
भारत ने स्वदेशी रक्षा निर्माण के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तर प्रदेश के अमेठी स्थित कोरवा प्लांट में 100% भारतीय कलपुर्जों और कच्चे माल से तैयार पहली AK-203 ‘शेर’ असॉल्ट राइफल का सफल फायरिंग टेस्ट किया गया है।
🇮🇳 पूरी तरह स्वदेशी हुई AK-203
इस राइफल का निर्माण भारत-रूस के संयुक्त उद्यम Indo-Russian Rifles Private Limited (IRRPL) ने किया है। कंपनी के मुताबिक अब AK-203 के हर प्रमुख हिस्से और निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भारतीय उद्योग से लिया जा रहा है। शुरुआती दौर में इसमें करीब 50% हिस्से आयातित थे।
🪖 सितंबर में सेना का ट्रायल
‘शेर’ के कई स्वदेशी प्रोटोटाइप तैयार कर सितंबर 2026 में भारतीय सेना के ट्रायल के लिए सौंपे जाने की तैयारी है। शुरुआती बर्स्ट फायरिंग टेस्ट के नतीजे उत्साहजनक बताए गए हैं।
⚔️ INSAS की जगह लेगी ‘शेर’
AK-203 को पुरानी INSAS राइफल के विकल्प के तौर पर सेना में शामिल किया जा रहा है। यह 7.62×39 मिमी कारतूस
इस्तेमाल करती है और आधुनिक मॉड्यूलर डिजाइन के साथ आती है। लगभग 6 लाख AK-203 राइफलों की आपूर्ति की योजना है।
🚀 हर 100 सेकंड में एक राइफल!
IRRPL उत्पादन क्षमता बढ़ाकर जल्द ही हर 100 सेकंड में एक AK-203 ‘शेर’ बनाने की दिशा में काम कर रही है। इससे सेना को राइफलों की आपूर्ति का लक्ष्य लगभग एक साल पहले पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
‘शेर’ की असली परीक्षा अब सितंबर में होगी, जब भारतीय सेना इसके प्रोटोटाइप का औपचारिक ट्रायल करेगी।