युद्ध के समय नहीं होगी मिसाइलों की कमी, राजनाथ सिंह का बड़ा फैसला

Aug 25, 2026, 16:23

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने DRDO की ओर से विकसित सभी पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों की तकनीक भारतीय रक्षा उद्योग को ट्रांसफर करने को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य देश में ही मिसाइलों का बड़े पैमाने पर उत्पादन बढ़ाना और युद्ध जैसी स्थिति में हथियारों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

निजी कंपनियां भी बना सकेंगी मिसाइलें

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के बाद योग्य भारतीय कंपनियां जरूरी सर्टिफिकेशन और नियमों को पूरा करके इन मिसाइल प्रणालियों का स्वदेशी उत्पादन कर सकेंगी। इससे डेवलपमेंट से बड़े पैमाने के प्रोडक्शन तक पहुंचने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन पर जोर

सरकार का यह फैसला भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से उत्पादन क्षमता और रक्षा क्षेत्र का औद्योगिक ढांचा मजबूत होगा।

यानी लक्ष्य साफ है—जंग की स्थिति में भारत को मिसाइलों और जरूरी हथियारों के लिए विदेशी सप्लाई पर निर्भर न रहना पड़े।