चिल्लूपार: हाता की विरासत, मठ की सियासत... सपा-बीजेपी के सामने बसपा ने चल दिया 'ठाकुर कार्ड'

Aug 26, 2026, 13:39

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चिल्लूपार की सियासत में बसपा ने बड़ा दांव चला है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बसपा ने अस्मिता चंद को उम्मीदवार घोषित किया है। अस्मिता इससे पहले बीजेपी में थीं और 12 अगस्त को पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बसपा में शामिल हुईं।

चिल्लूपार लंबे समय से हरिशंकर तिवारी के ‘हाता’ और गोरखनाथ मठ के राजनीतिक प्रभाव के बीच मुकाबले के लिए चर्चित रही है। 1985 से हरिशंकर तिवारी का प्रभाव रहा, जबकि बाद के चुनावों में समीकरण बदले हैं।

बसपा के इस फैसले से मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं। खास बात यह है कि चिल्लूपार में ब्राह्मण मतदाताओं के साथ अन्य जातीय समीकरण भी चुनावी नतीजे पर बड़ा असर डाल सकते हैं।

यानी ‘हाता’ बनाम ‘मठ’ की पुरानी सियासत के बीच बसपा ने नया सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है।