Aug 29, 2026, 12:06
5 से 10 लाख में बनती थी डिग्री! मास्टरमाइंड गिरफ्तार, खुद फर्जी LLB डिग्री से कर रहा था वकालत
महाराष्ट्र के चंद्रपुर में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बनाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने कथित मास्टरमाइंड परिमल गौरकर और उसके साथी अक्षय खोब्रागड़े को नागपुर से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
नामी यूनिवर्सिटी के नाम पर बनाते थे फर्जी डिग्री
पुलिस के मुताबिक, गिरोह अलग-अलग विश्वविद्यालयों के नाम पर फर्जी डिग्री, मार्कशीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करता था। ग्राहकों की जरूरत के हिसाब से दस्तावेज तैयार किए जाते और कथित तौर पर इसके लिए 5 से 10 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
जांच में सामने आया है कि गिरोह राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय, संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय और गोंडवाना विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानों के नाम का इस्तेमाल करता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और कितने लोगों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
खुद की LLB डिग्री भी जांच के घेरे में
मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू कथित मास्टरमाइंड परिमल गौरकर से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, वह LLB की परीक्षा में लगातार चार वर्षों तक फेल हुआ था। इसके बाद उसने कथित तौर पर अपनी ही फर्जी LLB डिग्री और मार्कशीट तैयार कर ली।
पुलिस को शक है कि इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर उसने बार काउंसिल की सनद हासिल की और नागपुर में वकालत भी की। हालांकि, पुलिस ने अभी इस दावे की अंतिम आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। संबंधित विश्वविद्यालय, बार काउंसिल और अन्य विभागों से दस्तावेजों की जांच कराई जा रही है।
बैंक खातों में करोड़ों के लेनदेन का सुराग
पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के पास से कई फर्जी डिग्री और मार्कशीट बरामद हुई हैं। एक लग्जरी कार भी जब्त की गई है। जांचकर्ताओं को बैंक खातों में करोड़ों रुपये के लेनदेन के सुराग मिले हैं।
पुलिस अब गिरोह के एजेंट नेटवर्क और उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने इन फर्जी दस्तावेजों को बनवाया या इस्तेमाल किया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी डिग्री का यह नेटवर्क कितना बड़ा है।