आपकी थाली में कितना कीटनाशक? 70 हजार सैंपल की जांच में सामने आया चौंकाने वाला आंकड़ा

Sep 01, 2026, 12:04

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नई दिल्ली: फल और सब्जियां हमारी रोजमर्रा की थाली का अहम हिस्सा हैं, लेकिन इनमें मौजूद कीटनाशक अवशेषों को लेकर सरकार की एक जांच ने चिंता जरूर बढ़ाई है। लोकसभा में केंद्र सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में देश के 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से फल-सब्जियों के 70,652 सैंपल जांचे गए। इनमें 2,223 सैंपल यानी करीब 3.1 फीसदी में कीटनाशक अवशेष तय सीमा से ज्यादा पाए गए।

70 हजार सैंपल में 3.1% तय सीमा से ऊपर

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ये जांच 2023-24 से 2025-26 के बीच की गई। जांच के दौरान 70,652 नमूनों में से 2,223 में कीटनाशकों की मात्रा FSSAI की तय Maximum Residue Limit (MRL) से अधिक मिली।

इसका मतलब यह नहीं है कि बाजार में मौजूद हर 100 फल-सब्जियों में 3 खराब या जहरीले हैं। आंकड़ा केवल जांच किए गए सैंपल में तय सीमा से ज्यादा अवशेष मिलने की स्थिति बताता है।

क्या होता है MRL?

MRL यानी Maximum Residue Limit किसी खाद्य पदार्थ में मौजूद कीटनाशक अवशेष की निर्धारित अधिकतम सीमा होती है। खेती में इस्तेमाल किए गए कीटनाशकों के कुछ अवशेष फल या सब्जियों पर रह सकते हैं। वैज्ञानिक मानकों के आधार पर इनकी स्वीकार्य सीमा तय की जाती है।

जब किसी सैंपल में अवशेष इस सीमा से ऊपर मिलते हैं, तो वह खाद्य सुरक्षा के निर्धारित मानक पर खरा नहीं उतरता।

जांच के लिए सैंपल कहां से लिए गए?

सरकार की निगरानी व्यवस्था के तहत सैंपल बाजारों के अलावा जरूरत के मुताबिक खेत यानी farm-gate से भी लिए जा सकते हैं। सैंपल की लोकेशन और संबंधित जानकारी रिकॉर्ड की जाती है, जिससे ज्यादा अवशेष मिलने की स्थिति में उसके स्रोत का पता लगाने में मदद मिल सके।

क्या फल-सब्जियां खाना बंद कर दें?

नहीं। 3.1 फीसदी का आंकड़ा यह साबित नहीं करता कि फल-सब्जियां खाना असुरक्षित है। बल्कि यह बताता है कि कीटनाशक अवशेषों की लगातार निगरानी की जरूरत है।

घर पर फल और सब्जियों को बहते साफ पानी में अच्छी तरह धोना सामान्य खाद्य-सफाई की अच्छी आदत है। हालांकि, केवल धोने से हर तरह के कीटनाशक अवशेष पूरी तरह खत्म हो जाएंगे, ऐसा मानना सही नहीं है।

सरकार की निगरानी जारी

कीटनाशक अवशेषों की निगरानी के लिए Monitoring of Pesticide Residues at National Level (MPRNL) परियोजना 2005-06 से चल रही है। इसके तहत देश में कई प्रयोगशालाओं के जरिए कृषि उत्पादों की जांच की जाती है। सरकार किसानों को कीटनाशकों के सही इस्तेमाल और Integrated Pest Management जैसी बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है।

निष्कर्ष: 70,652 सैंपल में 2,223 यानी 3.1% में तय सीमा से अधिक कीटनाशक अवशेष मिलना खाद्य सुरक्षा के लिए निगरानी का संकेत है, लेकिन इसे यह कहना सही नहीं होगा कि 3.1% फल-सब्जियां 'जहरीली' हैं।